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जिवित भाषा पोषण हेतू
जब कोई भारतीय भाषाओं के बारे में सोचता है, वह जिस्ट के विषय में सोचता है। हम भाषा के विशेषज्ञ हैं जिन्होंने भारतीय भाषाओं के डिजिटल क्षेत्र में पहला कदम रखा। भाषा तकनीक के शोध कार्य में बीस से अधिक वर्ष काम करने के बाद जिस्ट के पास अनेकानेक नवीन प्रॉडक्ट उपलब्ध हैं और नुकीली तकनीक भी उपलब्ध है जिसने संगणकीकरण के क्षेत्र में क्रांति की है तथा जिस्ट को भारतीय भाषाओं के संगणकीकरण का पर्याय बना दिया है।
हमारे शोध के क्षेत्र प्रभावशाली हैं जो संगणकीकरण के पूरे क्षेत्र को व्याप्त करते हैं। भाषा विकास के विभिन्न साधनों में जैसे शब्द संसाधक तथा व्याकरण से संबंधित चेकर्स, लेमॅटिझर्स, नॅचरल क्वेरी इ सर्च प्लगइन्स, सैमँटिक वेब, वीडिओ तकनीक, फॉन्टस् तकनीक, विशेष लेखन प्रणालियाँ, इमेज प्रोसेसिंग ऑप्टिकल कैरेक्टर और हॅण्डरिटन कैरेक्टर पहचान स्पीच प्रोसेसिंग, एम्बेडेड और मोबाईल संगणकीकरण जैसे कुछ नाम लिए जा सकते हैं।
भारतीय भाषाओं के विकास के प्रति प्रतिबद्ध, जिस्ट की शोध-प्रयोगशाला ने प्रभावी प्रॉडक्टस् के विस्तृत क्षेत्र में काम किया है और वे भारतीय भाषा विकास की प्रक्रिया में नेतृत्त्व कर रही हैं।
आज विभिन्न निर्णायक गतिविधियों के संगणकों के मिशन का जिस्ट तकनीक एक अभिन्न अंग बन गया है। संगणकीकरण के सामाजिक कार्य को ध्यान में रखते हुए जिस्ट तकनीकोंने राष्ट्रीय नवनिर्माण के कार्य मे योगदान दिया विशेषरूप से प्रशासकीय क्षेत्रों राजकाज , शिक्षा, खेती, आरोग्य, बैकिंग और यातायात के साधनों इ । जिस्ट नित्य ही मानकीकरण के क्षेत्र में सबसे आगे है और राष्ट्रीय तथा आंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को निपुणता प्रदान करता रहा है जैसे BIS, ICANN, W3C और युनिकोड इ ।
हमारा बोधवाक्य – भारतीय भाषाओं में आदान प्रदान सुलभ करना। हमने भारत की जनता के हाथों में संगणकीकरण शक्ति को पुहँचाने का प्रयास किया है।
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